Saturday, November 12, 2011

kaun Banega krorepati ke peechhe kya hai

कौन बनेगा करोड़्पति को ध्यान से देखे तो इसकी रणनीति समझ मे आती है
पहली रणनीती प्रतियोगियो के चुनाव मे है.यह किस्मत या बार-बार प्रयास से बिलकुल नही हो सकता.इसके लिये आपको इंटेरेस्टिंग दिखना होगा.आपकी कहानी दर्दभरी होनी होगी. आप्को अपनी गरीबी और दिवास्वप्न जगजाहिर  करने मे झिझक नही बल्कि तत्परता होने होगी.
अमिताभ बच्चन बेकार की गपशप को बन्द करने कि कोशिश नही करते है. दर्शको को इससे अपनी पसन्द की बात सुनने को मिलती है. एक एपिसोड मे एक ही प्रतियोगी खेले तो लगातार  मज़ा बढता जाता है, कोई नया आए तो फिर वही बोरिंग-से शुरुआती सवाल और खेल को चरम तक पहुचने का इंतज़ार. दर्शक को इस बात की चिंता  नही होती कि दुसरे प्रतियोगी भी प्रतीक्षा मे है. अगर दो लोग 3.20 जीते तो उतना मज़ा नही जितना एक के 6.40 जीतने मे है. क्योकि हर जीतने वाले मे दर्शक अपना भविष्य देखता है. वो भी तब जब जीतने वाला साधारण-सा दिखे.
घर बैठे जीतो जैक्पौट के सवाल मे तो कोई भी फस जाए.अगर पति बोले कि उसे जवाब मलूम है और वो इसे एस एम एस के खर्चे के डर से नही भेज रहा है तो पत्नी उससे मबाइल चीन कर एस एम एस कर देगी. 

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